Online Chhattisgarh

  2017-05-18

बिना परमिट और पंजीयन के चला सकेंगे ई-रिक्शा

OnlineCG रायपुर। राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में एनजीटी की फटकार के बाद अब वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए पेट्रोल-डीजल से चलने वाले आटो रिक्शा की जगह बैटरी से संचालित ई-रिक्शा सड़क पर दौड़ेगा। इसके लिए परिवहन विभाग ने कार्ययोजना भी तैयार कर ली है। प्रदेश में ई-रिक्शा को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने पांच साल तक परमिट और रजिस्ट्रेशन की छूट देने का फैसला किया है। यानि बिना परमिट व रजिस्ट्रेशन के ही ई-रिक्शा चलेगा। आपको बता दें कि सरकार ने छत्तीसगढ़ में वाहनों से बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए अब सड़कों पर इलेक्ट्रिक रिक्शा चलाने की कवायद शुरू की है। रायपुर समेत दुर्ग-भिलाई , बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, अंबिकापुर, जगदलपुर, राजनांदगांव समेत अन्य बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक रिक्शा को बढ़ावा देने ऑटो रिक्शा पॉलिसी योजना चलाई जा रही है। इस योजना में ऑटो चालकों को ई-रिक्शा के रूप में बेहतर वाहन संचालन के साथ ही नागरिकों को आवागमन बेहतर सुविधा मिलेगी। श्रम विभाग, नगरीय प्रशासन और परिवहन विभाग की संयुक्त बैठक में यह फैसला लिया गया कि आटो रिक्शा चालकों(हितग्राहियों) को ई-रिक्शा के संचालन हेतु प्रोत्साहित किया जाए। सरकार की ओर से ई-रिक्शा खरीदी में सब्सिडी (अनुदान) भी दिया जाएगा। श्रम विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। परिवहन विभाग ने प्रदेशभर में ई-रिक्शा बेचने की अनुमति 46 डीलरों को दी है। ई-रिक्शा की कीमत 1.25 लाख रुपए से लेकर 1.55 लाख रुपए तक है। इसमें सरकार 30 हजार रुपए की सब्सिडी (अंशदान) देगी, जबकि 20 हजार रुपए 6 माह बाद बैटरी बदलने के लिए दिया जाएगा। कोई भी बेरोजगार 10 हजार रुपए जमा कर ई-रिक्शा ले सकता है। डीलरों को ई-रिक्शा खरीदने वाले चालकों को सब्सिडी का लाभ देने निर्देशित किया गया है।

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