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  2017-03-14

अब रायपुर बनेगा स्मार्ट, 10 वार्डों से शुरू होंगे अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट

OnlineCG रायपुर। रायपुर का नाम स्मार्ट सिटी की सूची में आने के बाद से ही इस प्रोजेक्ट की शुरुआत पहले शहर की घनी आबादी वाले 10 सबसे पुराने वार्डों से होगी। रायपुर नगर निगम ने जयस्तंभ चौक से 2-3 किमी के दायरे में आने वाले इन वार्डों को डेवलप करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। जिसे सरकार ने मंजूर कर लिया है। शहर के जिन वार्डों में स्मार्ट बदलाव किए जाने हैं, वहां का इंफ्रास्ट्रक्चर 50 साल या उससे भी ज्यादा पुराना है। शुरुआत में इन इलाकों के बिजली और केबल सारे तार अंडरग्राउंड करके होगी। कंक्रीट के जंगल में तब्दील हो चुके इन वार्डों के 15 % इलाके में ग्रीन बेल्ट भी डेवलप होगा। यही नहीं, हर वार्ड के एक या दो ऐसे इलाकों को फ्री वाई-फाई जोन बनाया जाएगा, जहां लोगों का आना-जाना ज्यादा है। प्रदेश में स्मार्ट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू होने वाली यह सबसे पहली योजना है। निगम अफसरों के अनुसार इन वार्डों में जो कार्य प्रस्तावित हैं, सबका डीपीआर अंतिम चरण में है या पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री के सामने इस योजना का प्रजेंटेशन किया जा चुका है। प्रत्येक वार्डों को स्मार्ट बनाने वाले कार्यों का टेंडर 1 अप्रैल 2017 से एक-एक करके निकाला जाएगा। एक साल के अंदर शहर के सभी वार्डों को स्मार्ट करने का लक्ष्य रखा गया है। कुल सात चरणों में 70 वार्डों में स्मार्ट सिटी की तर्ज पर सारी सुविधाएं दी जाएंगी, इससे शहर को स्मार्ट बनाने में भी मदद मिलेगी। अफसरों का कहना है कि यह योजना स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का हिस्सा है, इसलिए फंड की कमी नहीं आएगी। आपको बता दे कि शहर के सबसे पुराने वार्डों में शामिल सदरबाजार, ब्राह्मणपारा, बैजनाथपारा, मौदहापारा, इंदिरा गांधी वार्ड समेत कई वार्डों में इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर पानी सप्लाई करने वाली लाइनें तक 50 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं। उसी समय के बिजली खंभे भी हैं, जो बेहद बेतरतीबी से लगे हैं, ट्रांसफार्मरों के कारण सड़कें और गलियां तंग हो गई हैं। जिसके कारण इन वार्डों में हर दिन जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। इसीलिए सबसे पहले इन वार्डों को स्मार्ट बनाया जा रहा है। इससे शहर के ट्रैफिक में भी सुधार होगा और शहर कि सुंदरता भी बढ़ेगी।

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