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  2017-02-17

करुणा की कहानी आपको भी करेगी प्रेरित

OnlineCGरायपुर | ये कहानी है करुणा रानी साहू और उनके ग्रुप की। करुणा को बचपन से म्यूजिक में करियर बनाने और कुछ इनोवेटिव करने की जिद थी। हायर सेकेंडरी पास करते ही उन्होंने खैरागढ़ स्थित इंदिरा आर्ट एंड म्यूजिक यूनिवर्सिटी में बीए (म्यूजिक) में एडमिशन ले लिया। ग्रेजुएशन पूरा होने तक क्लासिकल म्यूजिक पर अपनी कमांड मजबूत कर ली। कॉलेज और कई कल्चरल प्रोग्राम में पार्टीसिपेट भी करने लगी। कुछ दिनों बाद उन्होंने म्यूजिक के साथ प्रयोग करना शुरू किया और अपने तीन दोस्तों के साथ रॉक बैंड बना लिया। जब तक बात क्लासिकल म्यूजिक प्ले करने की थी तब तक सब ठीक था, लेकिन जैसे ही मामला रॉक बैंड और स्टेज परफॉर्मेंस तक पहुंचा विरोध होना शुरू हो गया। रिश्तेदार कहने लगे ये क्या कर रही हो तुम, लड़कों के साथ परफाॅर्म करोगी, वो भी रॉक म्यूजिक। कुछ ने म्यूजिक फील्ड छोड़ने तक की बात कह दी। पिता नरेंद्र और मम्मी प्रेमलता साहू हमेशा साथ खड़ी रहीं, लिहाजा करुणा ने हार नहीं मानी। प्रयास जारी रखा और ग्रुप के साथ प्रयोग के तौर पर छत्तीसगढ़ी फोक सॉन्ग्स का रॉक वर्जन तैयार किया।

रैप सुनने वाले मॉडर्न यंगस्टर्स को भी ये बेहद पसंद आया। सोशल साइट्स पर इनके वीडियो वायरल होने लगे और अब ये बैंड 5 मार्च को मल्टीनेशनल हार्ड रॉक कैफे पुणे में छत्तीसगढ़ी फोक सॉन्ग का रॉक वर्जन परफॉर्म करेगा। म्यूजिक से जुड़ी एक संस्था ने बैंड्स के लिए नेशनल लेवल पर एक कॉम्पिटीशन आर्गनाइज किया था। इसमें देश के सैकड़ों रॉक बैंड ने अपनी परफॉर्मेंस का वीडियो शेयर किया था। बेस्ट परफॉर्म करने वाले 20 ग्रुप को संस्था ने फिनाले के लिए चुना है। इसमें सिटी का रेंटल डेज रॉक बैंड भी शामिल है। अब पुणे में परफॉर्मेंस देने के लिए चारों मेंबर्स रोजाना घंटों रिहर्सल कर रहे हैं।

रेंटल डेज रॉक बैंड में करुणा रानी साहू सिंगर हैं। देव वर्मा बेस गिटारिस्ट हैं। प्रतीक भगत रिदम गिटारिस्ट हैं और रेडमॉन विलसन ड्रमर हैं। अच्छी परफॉर्मेंस के लिए ये चारों रोज घंटों तक प्रैक्टिस करते हैं। ग्रुप मेंबर्स ने छत्तीसगढ़ म्यूजिक को रॉक स्टाइल में परफॉर्म करने के अलावा खुद के कम्पोजिशन भी तैयार किए हैं। पुणे में ये अरपा पैरी के धार, ससुराल गेंदा फूल और महुआ झरे... जैसे सॉन्ग्स का रॉक वर्जन परफॉर्म करेंगे।

हार्ड रॉक कैफे थीम रेस्त्रां की एक इंटरनेशनल चेन है। 1971 में अमेरिका के पीटर मॉर्टन और आइजैक टाइग्रेट ने इसकी शुरुआत की। 1979 में कैफे ने अपनी दीवारों को रॉक एंड रोल के यादगार रिकॉर्ड से भरना शुरू किया। यहां तब के दौर में पसंद किए जाने वाले रॉक एंड रोल स्टाइल के संगीत के कलाकारों ने परफॉर्म भी करना शुरू किया। 2006 में हार्ड रॉक को सेमिनोल फ्लोरिडा की जनजाति को बेच दिया गया और इसका मुख्यालय ऑरलैंडो, फ्लोरिडा हो गया। सबसे बड़ा हार्ड रॉक ऑरलैंडो में है। वर्तमान में 53 देशों में 149 हार्ड रॉक कैफे स्थित हैं। पुणे स्थित हार्ड रॉक कैफे में देश के लगभग सभी बड़े पॉप सिंगर्स आए दिन परफॉर्मेंस देने पहुंचते रहते हैं।

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