Online Chhattisgarh

  2016-10-15

आखिर क्यों नहीं मिली छत्तीसगढ़ की हांदावाड़ा वाटरफॉल पर बाहुबली- 2 की शूटिंग की अनुमति?

OnlineCG News। छत्तीसगढ़ का हांदावाड़ा वाटरफॉल। दावा है कि यह न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि देश के सबसे बड़े अाैर खूबसूरत वाटरफॉल में से एक है। घने जंगलों के अंदर करीब 500 फीट की ऊंचाई से गिरते इस वाटरफॉल के नजदीक अब तक बेहद कम लोग पहुंच पाए हैं। बता दें कि बाहुबली- 2 की शूटिंग के लिए इस जगह को सिलेक्ट किया गया था। लेकिन शूटिंग की परमिशन नहीं मिली। रायपुर से 300 किमी की दूरी पर है जगदलपुर, वहां से 170 किलोमीटर दूर घने जंगलों से घिरा बारसूर और फिर यहां से भी 22 किमी पर है हांडापुड़ा गांव। यहां से 6 किमी पैदल चलने पर नजर आता है बेहद खूबसूरत और विशाल हांदावाड़ा वाटरफॉल का दिलकश नजारा। 500 फीट की ऊंचाई से गिरता पानी बारिश के दिनों में अपने पूरे शबाब पर होता है। इसकी तेज आवाज करीब 4 किमी दूर तक सुनाई देती है। डायरेक्टर एसएस राजामौली और प्रोड्यूसर अमित मासुरकर ने अपनी फिल्म बाहुबली-2 में झरने के सीन के लिए हांदावाड़ा वाटरफॉल काे चुना था। बताया जाता है कि इसको देखने के लिए डायरेक्टर ने अपनी एक टीम भी बस्तर भेजी थी। टीम ने हांदावाड़ा जाकर इसकी तस्वीरें खींची और वीडियो रिकॉर्डिंग भी की। बॉलीवुड की नजरों में हांदावाड़ा के वाटरफॉल की खूबसूरती का जादू छा गया था, लेकिन पुलिस और एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा सिक्युरिटी न दे पाने और परमिशन न मिलने के कारण यहां शूटिंग कैंसल करनी पड़ी। दरअसल, यह वाटरफॉल हार्डकोर नक्सली इलाके में है। इस जगह पर नक्सलियों का ऐसा आतंक है कि यह ख़ूबसूरत जगह दुनिया की नजरों से दूर है। ये झरना जितना हसीन है, वहां तक पहुंचना उतना ही कठिन है। सबसे पहले मीलों तक हार्डकोर नक्सल इलाका, फिर बीच में इंद्रावती नदी। यह नदी साल में 6 महीने लबालब रहती है। बारिश में इसे पार करना मुमकिन नहीं है। अक्टूबर-नवंबर में नदी को डोंगी से पार करना पड़ता है। इसके बाद नदी का एक पैच एसयूवी जैसी गाड़ियों से पार किया जा सकता है। नदी पार करने के बाद पहाड़ी रास्ता है, जो पैदल तय करना है। हांदावाड़ा वाटरफॉल तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। कच्चे रास्तों में टू-व्हीलर के सहारे ही पहुंचा जा सकता है। यहां तक पहुंचने के दो रास्ते हैं। पहला रास्ता दंतेवाड़ा जिले के बारसूर होकर है, इंद्रावती नदी पार करने यहां पुल बना हुआ है। अगर यहां टूरिस्ट को आने-जाने की सहूलियत मिल जाए तो यह देश के खास टूरिस्ट स्पॉट में शामिल हो सकता है।

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