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  2016-06-08

15 साल पुराने मामले में MP का सरेंडर

दुर्ग। करीब 15 साल पुराने जयचंद अपहरण कांड में आरोपी बिहार से एलजेपी के सांसद रामा सिंह उर्फ राम किशोर सिंह ने मंगलवार को दुर्ग कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रामा सिंह को चार हफ्ते में समर्पण करने का आदेश दिया था। रामा सिंह छत्तीसगढ़ के इस चर्चित अपहरण कांड के आरोपियों में से एक हैं। 29 मार्च 2001 को व्यापारी जयचंद वैद्य का अपहरण हुआ था। उन्हें 44 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इसके बाद मुगलसराय स्टेशन में हाथ व पैर को बांधकर फिरौती लेने के बाद छोड़ दिया गया। इस मामले में 12 अन्य आरोपी हैं, जिसमें मुख्य आरोपी समेत ज्यादातर जेल में हैं। अपहरण का मास्टर माइंड उपेंद्र सिंह उर्फ कबरा भी जेल में हैं। उसे उम्रकैद की सजा हुई है।क्या हैं आरोप? रामा सिंह वर्तमान में बिहार की वैशाली सीट से लोजपा से सांसद हैं। उन पर आरोप है कि अपहरण की घटना में उनके नाम की गाड़ी का इस्तेमाल हुआ था। गाड़ी भी पुलिस ने उनके घर से बरामद की थी। रामा सिंह पर 6 मार्च 2006 को कोर्ट ने बेमियादी वारंट भी जारी किया। लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस उनकी गिरफ्तारी नहीं कर पाई थी। रामा सिंह द्वारा 2014 में हाईकोर्ट बिलासपुर में दायर जमानत याचिका भी खारिज हो गई थी। रामा सिंह इससे पहले हाजीपुर जिले के महनार सीट से एक बार निर्दलीय और तीन बार लोजपा से विधायक रह चुके हैं। हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका - इस मामले में बिहार से आरजेडी नेता व पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के समर्थक रमेश गुप्ता ने पहले हाई कोर्ट में याचिका दायर की I जहां से खारिज होने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में प्रकरण को पेश किया। जहां से कोर्ट ने चार हफ्तों के अंडर ट्रायल कोर्ट दुर्ग में पेश होने के आदेश किया। इसके बाद मंगलवार को रामा सिंह अपने वकीलों के पैनल के साथ कोर्ट में पेश हुए। जस्टिस संखपुष्पा भतपहरी ने उनका आवेदन स्वीकार करते हुए उनके औपचारिक गिरफ्तारी का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने पूछताछ के लिए सात दिनों की रिमांड मांगी। पुलिस ने कहा कि जिनका अपहरण हुआ, उन जयचंद की एक हीरे की अंगूठी अब भी गायब है। इस संबंध में रामासिंह से पूछताछ की जानी है। इसके आधार पर कोर्ट ने रिमांड मंजूर कर ली। यह आदेश 9 मई 2016 को जारी हुआ।

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