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  2016-05-04

पंचायत मंत्री के कड़े तेवरों ने कर दिया अधिकारियों को बेचैन

रायपुर। लोक सुराज अभियान का उद्देश्य ही है प्रशासनिक कार्यों में कसावट लाना जिसमें शासन की समस्त योजनाएं जन-जन तक सुचारू रूप से पहुँच सके। लेकिन सच ही कहा है किसी ने, बेदाग़ दामनों पर ही कीचड़ उछाला जाता है। ऐसा ही कुछ तब देखने को मिला जब पंचायत मंत्री अजय चन्द्राकर जनकपुर के एक बैठक में शामिल होने पहुंचे। जहां अनुशासन प्रिय, समय के पाबंद मंत्री चंद्राकर लोक सुराज अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु निश्चित समय पर निर्धारित स्थान पर पहुँच चुके थे, वही जिम्मेदार अधिकारी नदारद थे। इस पर जब चंद्राकर ने मज़ाकिया लहजे में तंज कसा तो इसे दूसरा ही रंग चढ़ाकर, तोड़-मरोड़कर लोगों के सामने पेश किया गया। लेकिन अब धीरे-धीरे इस पूरे मामले पर से झूठ का रंग उतर रहा है और सच सामने ला रहा है। जनहित के कामों में ढिलाई और लापरवाही पर पंचायत मंत्री के कड़े तेवर ने बेलगाम अफसरों को बेचैन कर दिया है जनकपुर कोरिया में लोक सुराज अभियान के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद उनकी बेचैनी साफ नजर आ रही है। मंत्री ने दूसरे दिन भी ऐसी ही ढिलाई को लेकर लोरमी में तेवर दिखाए। गौरतलब है, सुराज अभियान के दौरान पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री अजय चन्द्राकर जनकपुर पहुंचे हुए थे। वहां वे ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू हो रहे थे। चूंकि इलाके में वनग्राम हैं और वहां आदिवासियों की आबादी है, इसलिए स्वाभाविक तौर पर उन्होंने वनभूमि के पट्टों के निष्पादन और तेंदूपत्ता संग्रहण आदि को लेकर बात छेड़ी, लेकिन इसका जवाब देने वाला जिम्मेदार अफसर कोई नहीं था। पता चला कि डीएफओ छुट्टी पर हैं और एसडीओ आने वाले हैं। चंद्राकर उस समय रेंजर बीएस पैकरा से जानकारी ले रहे थे, लेकिन उनके पास सही जानकरी नहीं थी। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या सुनते हुए एसडीओ की प्रतीक्षा की। तकरीबन डेढ़ घंटे तक प्रतीक्षा के बाद भी एसडीओ नहीं पहुंचे। इससे नाराज चन्द्राकर ने रेंजर के समक्ष चिर-परिचित व्यंग्यात्मक शैली का प्रयोग करते हुए कड़े तेवर दिखाए, लेकिन अफसर उनके तेवर से बेचैन हो गए और लगे दुष्प्रचार करने। किन्तु श्री चंद्राकर के कठोर कार्यशैली एवं तेवर दूसरे दिन भी देखने को मिले। लोरमी, मुंगेली के कार्यक्रम में उन्होंने तहसीलदार और डीईओ की क्लास ली। अभियान के दौरान अधिकारियों की अनुपस्थित, ढिलाई और लापरवाही पर मंत्री की सख़्ती ही उन्हें अधिकारियों के निशाने पर ला रहा है। और इससे कुछ समाचार समूहों को मसाला मिल रहा है जिसे वो छौंक लगाकर परोस रहे हैं। हाल ही में मंत्री चंद्राकर ने बैठक में अनुपस्थित आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश जारी किए हैं एवं पेयजल की समस्या से निपटने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियो को सतर्क रहने के निर्देश भी दिए हैं।

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