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Pooja Sharma   2017-12-12

पत्रकारों को मिली नई सौगात, ‘पत्रकार वेलफेयर स्कीम’ में हुआ संशोधन

Online India डेस्क। पत्रकारिता से जुड़े लोगों के लिए केंद्र सरकार की ओर से अच्छी खबर है। ‘पत्रकार वेलफेयर स्कीम’ में केंद्र सरकार ने संशोधन किया है। पत्रकारों के हित में इस स्कीम को फरवरी 2013 में लागू किया गया था। इसमें अब संशोधन किया गया है, जिसका फायदा सभी जर्नलिस्ट्स उठा सकते हैं।

इस स्कीम के लागू होने के बाद अगर किसी जर्नलिस्ट का निधन हो जाता है या फिर कोई दुर्घटना हो जाती है, तो उसके आश्रितों को केंद्र सरकार 5 लाख रुपए की सहयोग राशि प्रदान करेंगी। वहीं इलाज के लिए भी पत्रकार को सरकार 5 लाख रुपए की सहायता करेंगी। इसके लिए समिति का गठन भी किया गया है, जिसके संरक्षक केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री रहेंगे। विभाग के सचिव अध्यक्ष, प्रधान महानिदेशक, एएस एंड एएफ, संयुक्त सचिव समिति के सदस्य हैं। वहीं सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के उप सचिव अथवा निदेशक सदस्य संयोजक हैं। इस समिति का गठन इसलिए किया गया है ताकि पीड़ित पत्रकार या फिर उनके परिजन के आवेदन पर विचार कर सके और आर्थिक सहायता देने का फैसला ले सके।

 

इस स्कीम की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें केंद्र या राज्य सरकार से अधिस्वीकृत पत्रकार होने का कोई बंधन नहीं है। ये योजना पत्रकारों से संबंधित 1955 के अधिनियम ‘Working Journalists and other Newspaper Employes (Condition of service) And Miscellaneous Provision Act 1955’ के तहत पत्रकार की श्रेणी में आने वाले देशभर के जर्नलिस्ट्स पर लागू किया गया है। इस योजना का लाभ प्रिंट मीडिया के साथ टेलीविजन और वेब जर्नलिस्ट्स को भी मिलेगा। न्यूजपेपर्स के एडिटर, सब एडिटर, रिपोर्टर, फोटोग्राफर, कैमरामैन, फोटो जर्नलिस्ट, फ्रीलांस जर्नलिस्ट, अंशकालिक संवाददाता और उन पर आश्रित परिजनों को भी स्कीम के दायरे में रखा गया है। अगर स्कीम का लाभ लेना है तो कम से कम 5 साल तक पत्रकार के रूप में सेवाएं देनी होंगी।

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