Online India

Pooja Sharma   2017-12-17

यूजीसी के नए नियमों से कई विवि में पीएचडी की प्रवेश परीक्षा पर लगी रोक

OnlineIndiaरायपुर। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) के नए नियमों ने प्रदेश के अधिकतर विवि की परेशानी बढ़ा दी है यूजीसी ने रेगुलेशन 2016 के नियमों को लागू कर दिया है। इन नए नियमों से न सिर्फ प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों में पीएचडी की सीटें आधी हुईं हैंबल्कि कई विश्वविद्यालयों ने प्रवेश परीक्षाओं पर ही रोक लगा दी है।  

आपको बता दें बिलासपुर विविसरगुजा विविबस्तर विविदुर्ग विवि और अन्य में विवि में प्रवेश परीक्षा नहीं हो पाई है। जबकि पं. रविशंकर शुक्ल विवि और इंदिरा कला संगीत विवि ने पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा ली है। राज्यपाल की अध्यक्षता वाली राज्य समन्वयक समिति की बैठक में यूजीसी के नए नियमों को सभी विवि में लागू करने कहा है। अब सभी विश्वविद्यालयों को नए नियमों के अनुसार शोध कार्य कराने होंगे। लेकिन राज्य में ज्यादातर नए विवि होने के कारण वे यूजीसी के नियमों पर सटीक नहीं बैठ पा रहे हैं। इसलिए वे पीएचडी की प्रवेश परीक्षा नहीं करा पा रहे हैं  

जानकारी मिली है कि यूजीसी के नए रेगुलेशन के हिसाब से अब ए ग्रेड या इसके ऊपर वाले विवि ही खुद प्रवेश परीक्षा लेकर पीएचडी करा सकते हैं। इसलिए राज्य के विवि जिनकी अभी तक नैक से ग्रेडिंग नहीं हो पाई हैउनके लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराना संभव नहीं हो पा रहा है। हालांकि उच्च शिक्षा के अपर मुख्य सचिव सुनील कुजूर का कहना है कि जब तक विवि अपने नियमों में यूजीसी के सारे नियम लागू नहीं करेंगे तब तक दिक्कत नहीं होनी चाहिए। विवि के कुलपति व कुलसचिवों का कहना है कि किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए वे नॉर्म्स के अनुसार ही पीएचडी कराएंगेलिहाजा प्रवेश परीक्षा रोक दी गई है।

यूजीसी के नियम लागू होने के बाद अब सिर्फ रिसर्च फेलोशिप यानी जेआरएफ नेट में सफल शोधार्थी ही इन विश्वविद्यालयों में शोध कर सकेंगे। नए नियम में गाइड रेगुलर होंगे। अभी तक बाहर के विवि या कॉलेज के प्रोफेसर गाइड बन जाते थे, इससे सीटें कम हो गई है। नए नियम में अब सहायक प्राध्यापक 4, सह प्राध्यापक और प्राध्यापक ही शोधार्थियों को शोध करा सकेंगे। 

Please wait! Loading comment using Facebook...

You Might Also Like