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Roshan Bharti   2018-01-13

बच्चों की सेहत से खिलवाड़, गंदा पानी पीने को हुए मजबूर

OnlineIndiaदंतेवाड़ा। आदिवासी क्षेत्रों के विकास में सरकार अनेक दावे करती है, लेकिन वर्तमान हालात तो कुछ और ही बयां कर रहे हैं। दंतेवाड़ा जिले के कुआंकोंडा विकासखंड के रेवाली ग्राम पंचायत का ऐसा मामला सामने आया है जो सरकार को हकीकत से रूबरू कराएगा। यहां पीने के पानी का भीषण संकट है। इलाके के तमाम नल खराब पड़े हैं। इसके कारण यहां के रहवासी नालों का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।

धुर नक्सल प्रभावित रेवाली ग्राम पंचायत में 70 घर हैं। साथ ही प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल भी संचालित हैं। इन स्कूलों के बच्चे गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। जिसके कारण उनकी सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। इतना ही नहीं मिड डे मील खाने के बाद अपनी थालियां धोने के लिए इन्हें नदी-नालों के पास जाना पड़ता है, जिसका पानी बेहद गंदा है।

इन गंदे नालों के पानी से बच्चे अपनी थालियां धोते हैं। इस बात से अनुमान लगाया जा सकता है कि ऐसी थालियों में खाना खाने और गंदा पानी पीने से बच्चों को कितना गंभीर संक्रमण हो सकता है। गंदा पानी पीने से ये बच्चे गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।

आपको बता दें कि यहां के प्राथमिक शाला में 28 छात्र और माध्यमिक शाला में 4 छात्र पढ़ते हैं। इस गांव के दोनों स्कूलों के हैंडपंप खराब हैं। जिसके चलते स्कूल के बच्चों से लेकर इस गांव के ग्रामीण गांव से 300 मीटर दूर जाकर नदी का गंदा पानी दैनिक उपयोग में ला रहे हैं।

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