Online Chhattisgarh

Pooja Sharma   2018-01-21

राजधानी में ब्रह्मविद - द ग्लोबल स्कूल के साथ नन्हे-मुन्ने करेंगे स्कूली जीवन की शुभ शुरुआत

OnlineIndia इवेंट। राजधानी में हर साल हज़ारों की संख्या में बच्चे स्कूल में अपना पहला कदम रखते हैं। यहां से होती है उनकी एक नई शुरुआत। और अगर इस शुरुआत को विद्या की देवी माँ सरस्वती के आशीर्वाद से आरंभ किया जाए तो निश्चित रूप से ये एक शुभ शुरुआत होगी। इसको ध्यान में रखते हुए और छोटे बच्चों की स्कूली शुरुआत को और भी ख़ास और यादगार बनाने के लिए ब्रह्मविद - द ग्लोबल स्कूल करने जा रहा है विशेष आयोजन। 22 जनवरी 2018 को बसंत पंचमी (सरस्वती पूजा) के पावन अवसर पर भाटागांव स्थित ब्रह्मविद - द ग्लोबल स्कूल में इस कार्यक्रम का आयोजिन किया जाएगा।

स्कूल द्वारा उन अभिभावकों को आमंत्रित किया गया है जिनके बच्चे साल 2018 में स्कूल (नर्सरी) में प्रवेश लेने के लिए तैयार हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना के साथ सुबह 10 बजे होगा। इसके बाद बच्चों के लिए कुछ मज़ेदार एक्टिविटी रखी गई है। इसमें बच्चे पहले 'हैंड प्रिंट' एक्टिविटी में शामिल होंगे। इसी के साथ उनके नन्हें हाथों की छाप बनेगा उनकी स्कूली जीवन की शुरुआत का प्रतीक। इसके बाद अभिभावकों एवं बच्चों के बीच विभिन्न गेम्स होंगे। 

ड्रेस कोड - पीला

बसंत पंचमी पर पीले रंग का विशेष महत्त्व है और लोग इस दिन विशेष रूप से पीले रंग के वस्त्र पहनते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए आयोजन में सभी को पीले रंग के कपड़ें पहनने के लिए कहा गया है। पीले रंग को बसंत का प्रतीक माना जाता है। 

इस दिन से होती है विद्या ग्रहण करने की शुरुआत

माँ सरस्वती को ज्ञान एवं बुद्धि की देवी माना जाता है। बसंत पंचमी के दिन उनसे विद्या, बुद्धि, कला एवं ज्ञान का वरदान मांगा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन नन्हें-मुन्नों के हाथों में पहली बार कलम देकर उनकी स्कूली जीवन की विधिवत शुरुआत की जाती है ताकि उन पर माँ सरस्वती का आशीर्वाद बना रहे।

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