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Pooja Sharma   2018-03-01

छत्तीसगढ़ में आठ लाख 38 हजार घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए 838 करोड़ का प्रस्ताव

OnlineIndia रायपुर। छत्तीसगढ़ में सितम्बर 2018 तक प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के तहत आठ लाख 38 हजार 189 घरों में बिजली का कनेक्शन देने का लक्ष्य है। इसके लिए 838 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है।

विशेष सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने बताया कि मार्च 2016 की स्थिति में प्रदेश के एक हजार 80 अविद्युतीकृत ग्रामों में से केवल 95 ग्राम अविद्युतीकृत रह गए हैं। इनमें सुकमा में 67 गांव, बीजापुर में 23 गांव एवं दंतेवाड़ा में चार गांव तथा ग्रिड से नारायणपुर में एक गांव का विद्युतीकरण किया जाना है।

अंकित आनंद ने बताया कि वर्तमान में शेष बचे 95 गांवों की भौगोलिक परिस्थिति विषम है तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण विद्युतीकरण का कार्य संभव नहीं हो पा रहा है। राज्य शासन द्वारा इन गांवों के निवासियों को दो सौ किलोवाट के सोलर होमलाईट के वितरण की विशेष योजना बनाई गई है, जिसका उपयोग कर आठ वाट के तीन एलईडी लैम्प तथा एक प्लग पाइंट का उपयोग कर टीवी अथवा मोबाईल की चार्जिंग कर सकते हैं।

आपको बता दें कि सौभाग्य योजना के तहत सात लाख 92 हजार 772 अविद्युतीकृत घरों में ग्रिड और 45 हजार 417 अविद्युतीकृत घरों में बिजली कनेक्शन के लिए 838 करोड़ रूपए का प्रस्ताव भारत सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। स्वीकृति की प्रत्याशा में क्रेडा एवं सीएसपीडीसीएल द्वारा बिजली कनेक्शन देने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है और लगभग 20 प्रतिशत कार्य जारी किया जा चुका है।

वहीं केन्द्र सरकार के उपक्रम राष्ट्रीय ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक पीवी रमेश ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान बुधवार को मंत्रालय में प्रदेश के ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में इस विषय पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने प्रदेश में संचालित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना तथा सौभाग्य योजना के तहत ग्रामीण विद्युतीकरण के कार्यों की समीक्षा की।

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