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Pooja Sharma   2018-05-14

झारखंड के रास्ते जशपुर पहुंची पत्थलगड़ी की आंधी, छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने किया ये ऐलान

OnlineIndia रायपुर। झारखंड के रास्ते जशपुर पहुंची पत्थलगड़ी की आंधी पूरे छत्तीसगढ़ में फैलती जा रही है। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने राज्य के सभी अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में ग्राम सभा के माध्यम से पत्थलगड़ी करने का ऐलान कर दिया है। सत्तारुढ़ भाजपा पत्थलगड़ी को राष्ट्रद्रोह बता रही है, जबकि इसी पार्टी के वरिष्ठ नेता नंद कुमार साय सर्व आदिवासी समाज के संरक्षकों में शामिल हैं।

अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष नंद कुमार साय का कहना है कि- मैं पहले आदिवासी हूं और सर्व आदिवासी समाज का संरक्षक हूं। इसमें गलत क्या है? गांव के गांव धर्मांतरित हो रहे हैं, वह किसी को नहीं दिख रहा है। आदिवासियों की जमीन उद्योगों को दे दी जा रही है, इस पर भी कोई कुछ नहीं बोलता, लेकिन आदिवासी अपने अधिकार की बात कर रहे हैं तो उस पर आपत्ति की जा रही है।

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दो दिन पहले एक प्रेसवार्ता में कहा था कि पत्थलगड़ी आदिवासी परंपरा का हिस्सा है। सैकड़ों साल से आदिवासी इस तरह से पूजा-पाठ करते रहे हैं। इसका कहीं कोई विरोध नहीं है। विरोध उन ताकतों का है जो इसके नाम पर समाज को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। परंपरा के नाम पर कुछ लोग गांव में प्रवेश बंद करना चाहते हैं। सड़क, बिजली व विकास रोकना चाह रहे हैं। यह संविधान विरोधी है।

सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष बीपीएस नेताम का कहना है कि गांव में रुकने वाले का नाम, पता आदि दर्ज करने की परंपरा और नियम पुराना है। पहले कोटवार यह काम करते थे, लेकिन समय के साथ इसे भूला दिया गया है। आज भी शहरों में बाहर से आने वालों को थाने में सूचना देने का नियम है। हम क्या गलत कर रहे हैं।

वहीं सर्व आदिवासी समाज ने पत्थलगड़ी मामले में गिरफ्तार आदिवासियों की निःशर्त रिहाई की मांग की है। इसके लिए उन्होंने 14 मई तक की मोहलत दी है। रिहाई नहीं होने पर 15 मई को जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी है। अध्यक्ष नेताम ने कहा कि अब तक इस मामले में सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं की गई है। हम भी अपने आंदोलन की घोषणा पर कायम है।

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