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Pooja Sharma   2018-06-27

भारत में तकनीक छीन सकती है अवसर, 69 फीसदी नौकरियों पर मंडरा रहा है खतरा

Online India डेस्क। भारत समेत दुनियाभर में आटोमेशन के बढ़ते उपयोग से बड़े पैमाने पर नौकरियों के जाने की आशंका पैदा होने लगी हैं। आज के आधुनिक दौर में लगभग दुनिया के सभी सेक्टर की कंपनियां ऑटोमेशन तकनीक की तरफ तेजी से बढ़ रहीं हैं। लेकिन ऑटोमेशन तकनीक के आने से कंपनियों को एक तरफ कार्यकुशलता का लाभ तो मिल रहा है लेकिन दूसरी तरफ नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है।

रिपोर्ट जारी होने के बाद विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम किम ने कहा, "जैसे-जैसे हम ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रहे हैं, वैसे ही हमें भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए भी इन्फ्रास्ट्रक्चर के बारे में सोचना होगा। हम जानते हैं कि पहले भी और निकट भविष्य में भी तकनीक मौलिक रूप से दुनिया को एक नया आकार देगा।" किम ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा 'लेकिन अर्थव्यवस्था का पारंपरिक रास्ता जो कि कृषि से लेकर बिजली उत्पादन को बढ़ाना है और फिर बड़े स्तर पर औद्योगिकरण करना है , ये विकसित देशों के लिए संभव नहीं होगा।'
कहीं तकनीक छीन न ले नौकरियों के अवसर

विश्व बैंक डाटा के आधार पर किए गए रिसर्च में अनुमान लगाया गया है कि ऑटोमेशन से भारत में नौकरियों पर आने वाले खतरे का अनुपात 69 फीसदी है। चीन में ये आंकड़ा 77 फीसदी है। एक और विकासशील देश इथियोपिया की बात करें तो रिपोर्ट के मुताबिक यहां ऑटोमेशन से करीब 85 फीसदी नौकरियों को खतरा है। किम ने आगे कहा कि यदि ये वाकर्इ में सच है और यदि इन देशों में नौकरियों को इतने बड़े स्तर पर खतरा है तो हमें इस बात कर जरूर समझना चाहिए कि इन देशों में अर्थव्यवस्था की रफ्तार के लिए कौन से रास्ते मौजूद हैं और इसी हिसाब से इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने की तैयारी करनी होगी।

 

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