Online India

Pooja Sharma   2018-07-10

भारत: अनोखा जेल जहां 1BHK में रहते हैं कैदी

OnlineIndia बक्सर। बक्सर केंद्रीय कारा पुरानी जेलों में शुमार है। जो स्वतंत्रता संग्राम से लेकर लोहिया के नेतृत्व में कांग्रेस हटाओ देश बचाओ आंदोलन और जेपी आंदोलन जैसे आंदोलनों का मूक गवाह है। वर्ष 2012 में 23 मई को सीएम ने बक्सर केंद्रीय कारा में मुक्त कारागार का उद्घाटन किया था। उस दौरान उन्होंने बताया था कि कैसे जेपी आंदोलन में उन्होंने 15 दिन बक्सर केंद्रीय कारा में बिताए थे।
जेल का ख्याल दिमाग में आते ही अक्सर हमारे जेहन में ऐसी जगह का दृश्य कौंधता है, जहां कैदियों को भेड़-बकरी की तरह ठूंस-ठूंस कर रखा जाता हो अथवा कैदी के रसूख के हिसाब से उन्हें सुविधाएं दी जाती हों। लेकिन, जेलों की इन्हीं परिकल्पनाओं के बीच ऐतिहासिक-धार्मिक नगरी बक्सर में एक जेल ऐसी है, जहां कैदियों को कभी अहसास नहीं होता कि वे जेल में हैं। जेल में न सिर्फ उन्हें अपने परिजनों के साथ रहने के लिए फ्लैट दिए जाते हैं, बल्कि यहां उन्हें सभी सुविधाएं मिलती हैं, जो एक आम आदमी जेल के बाहर पाता है।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पूरे बिहार के जेलों में बंद उन कैदियों का चुनाव मुक्त कारागार में रहने के लिए करता है, जो पेशेवर अपराधी ना हों। साथ ही, किसी संगीन जुर्म में सजा नहीं काट रहे हों। प्राधिकरण द्वारा गठित बोर्ड गहनता से सभी बिंदुओं पर जांच करने के बाद कैदियों का चुनाव करता है। सबसे आखिर में पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा के बाद ये कैदी अपने परिवार के चार सदस्यों के साथ मुक्त कारागार में बने फ्लैट में रह सकते हैं। बक्सर मुक्त कारागार में कैदियों के रहने के लिए 102 फ्लैट बनाए गए हैं। हालांकि, वर्तमान में केवल 50 कैदी ही मुक्त कारागार में अपने चार परिजनों के साथ रह रहे हैं। इस दौरान उन्हें अहसास ही नहीं होता कि वे जेल में हैं। बताया जा रहा है कि पिछले 2 वर्षों में बहुत सारे कैदी यहां से अपनी सजा पूरी कर जा चुके हैं। लेकिन, वे जब तक मुक्त कारागार में रहे, खुशी-खुशी अपना समय व्यतीत किए।

Please wait! Loading comment using Facebook...

You Might Also Like