Online India

Pooja Sharma   2018-07-22

तीन तलाक बिल: समर्थन देने के लिए कांग्रेस ने मोदी सरकार के सामने रखी ये शर्त

OnlineIndia डेस्क। संसद में तीन तलाक बिल का समर्थन करने के लिए कांग्रेस पार्टी तैयार हो गई है। इसके लिए पार्टी ने एक शर्त रखी है। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा है कि अगर सरकार तीन तलाक विरोधी विधेयक में महिला के लिए गुजारा भत्ता का प्रावधान करती है, तो कांग्रेस इस विधेयक का समर्थन जरूर करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण विधेयक के लिए तीन तलाक विधेयक की शर्त रखकर 'सौदेबाजी' कर रही है।

हाल ही में राहुल गांधी ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर संसद के मॉनसून सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पर समर्थन व्यक्त करते हुए इसे पारित कराने का आग्रह किया था। उनके पत्र पर पलटवार करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी उन्हें एक पत्र लिखा और तीन तलाक व निकाह हलाला संबंधी विधेयकों को पारित कराने में सहयोग की मांग की थी।

अब कांग्रेस ने उनकी ये बात भी मान ली है और शर्त के साथ तीन तलाक बिल पर समर्थन देने का ऐलान किया है। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा कि अगर सरकार तीन तलाक विरोधी विधेयक में महिला के लिए गुजारा भत्ता का प्रावधान करती है तो कांग्रेस इस विधेयक का समर्थन जरूर करेगी।

'सरकार तीन तलाक के मुद्दे पर कर रही है सौदेबाजी'

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण विधेयक के लिए तीन तलाक़ विधेयक की शर्त रखकर 'सौदेबाजी' कर रही है। सुष्मिता देव ने कहा, 'हम तीन तलाक विरोधी विधेयक के खिलाफ में कभी नहीं थे। लेकिन विधेयक का मौजूदा स्वरूप मुस्लिम महिलाओं को नुकसान पहुंचाने वाला है। इसमें पीड़ित महिला के लिए गुजारा भत्ता का प्रावधान होना चाहिए।'

उन्होंने कहा, 'महिला के गुजारा भत्ता के लिए मैंने लोकसभा में संशोधन पेश किया था लेकिन वह पारित नहीं हो सका। अगर यह संशोधन स्वीकार कर लिया जाता है तो हम इस विधेयक का बिल्कुल समर्थन करेंगे।' कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, 'विधेयक का मकसद यही है कि मुस्लिम महिला को न्याय मिले और तीन तलाक पर अंकुश लगे। लेकिन पति जेल चला जायेगा तो महिला की जीविका का क्या होगा। इस पहलू पर हमें ध्यान देना होगा।'

गौरतलब है कि एक बार में तीन तलाक के खिलाफ लाया गया 'मुस्लिम महिला विवाह संरक्षण विधेयक' लोकसभा में पारित हो चुका है और फिलहाल राज्यसभा में लंबित है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गत 16 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर महिला आरक्षण विधेयक को संसद में पारित किए जाने के लिए सहयोग करने को कहा था। उसके बाद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गांधी को पत्र लिखकर कहा था कि कांग्रेस महिला आरक्षण ही नहीं, बल्कि तीन तलाक, हलाला और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग संबंधी विधेयकों पर भी सरकार का साथ दें।

Please wait! Loading comment using Facebook...

You Might Also Like