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  2016-04-05

पठानकोट हमले पर पाक JIT की रिपोर्ट लीक, हमले को भारत का ड्रामा बताया

इस्लामाबाद। पठानकोट हमले की जांच करके लौटी पाकिस्तानी ज्वाइंट इन्वेस्टिगेशन टीम (जेआईटी) ने भारत के सबूतों को नकार दिया है। जेआईटी के मुताबिक, सबूतों से इस हमले में पाकिस्तानी आतंकियों के शामिल होने की बात साबित नहीं होती। दावा- सबूत जुटाने के लिए दिया गया कम वक्त... - जियो न्यूज ने जेआईटी के करीबी सूत्रों के हवाले से बताया है कि पाकिस्तानी अफसरों को एयरबेस पर मेन गेट के बजाए दूसरे संकरे रास्ते से ले जाया गया। - उनका दौरा महज 55 मिनट का था, जो एयरबेस में एंट्री में ही निकल गया। अफसर सबूत नहीं जुटा सके। - सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि हमले के एक दिन पहले एयरबेस के आसपास 24 किलोमीटर के एरिया में बिजली में गड़बड़ी पाई गई थी। - हालांकि, खबर में दावा किया गया है कि जेआईटी को सिर्फ बीएसएफ (बॉर्डर सिक्युरिटी फोर्स) और इंडियन फोर्सेज की लापरवाही के बारे में जानकारी दी गई। - बता दें कि जेआईटी 29 मार्च को एयरबेस के दौरे पर गई थी। पाकिस्तानी अफसरों के साथ भारत की नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के अफसर भी थे। - इसके अलावा वह रास्ता बताया था, जहां से आतंकवादी आए थे। भारत के पांच दिन के दौरे के बाद जेआईटी शुक्रवार को पाकिस्तान लौटी थी। भारत ने क्या दिए थे सबूत? - एनआईए ने पाकिस्तान की जेआईटी के साथ दिल्ली में मीटिंग की थी। इस दौरान हमले से जुड़े सबूत शेयर किए थे। - इनमें चार आतंकियों की डीएनए रिपोर्ट, उनकी पहचान, जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों के शामिल होने के सबूत और फोन कॉल रिकॉर्ड शामिल हैं। - बता दें कि जैश-ए- मोहम्मद का सरगना अजहर मसूद पंजाब के पठानकोट अटैक का मास्टरमाइंड है। कब हुआ था पठानकोट हमला? - 2 जनवरी की सुबह छह पाकिस्तानी आतंकियों ने पठानकोट एयरबेस पर हमला किया। इसमें 7 जवान शहीद हो गए थे। - 36 घंटे एनकाउंटर और तीन दिन कॉम्बिंग ऑपरेशन चला था। - इस हमले के बाद फॉरेन सेक्रेटरी लेवल बातचीत को टाल दिया गया था। इंडियन टूरिस्टों पर नजर रख रहा है पाकिस्तान - इस बीच पाकिस्तान में कथित भारतीय जासूस पकड़े जाने के बाद से भारतीय टूरिस्टों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जियो टीवी की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। - पाकिस्तान की होम मिनिस्ट्री ने पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर-पख्तूनख्वा प्रांतों में विदेशियों खासतौर पर भारतीयों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। - गिलगित बाल्तिस्तान और पीओके को भी नए ऑर्डर फॉलो करने के लिए कहा गया है।

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