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  2016-04-04

ये है भारत की पहली मस्जिद, मुस्लिमों के साथ हिंदू भी इसमें करते हैं पूजा

तिरुवनंतपुरम। देश में बनी पहली मस्जिद केरल के त्रिशूर में है। मस्जिद पैगंबर मोहम्मद साहब के समय बनी थी। बताया जाता है कि ये दुनिया की दूसरी सबसे पुरानी मस्जिद भी है। रविवार को पीएम मोदी ने सउदी अरब दौरे पर चेरामन जुमा मस्जिद की गोल्ड प्लेटेड रेप्लिका सुल्तान सलमान बिन अब्दुल अजीज को तोहफे में दी। पीएमओ ने ट्वीट कर लिखा है कि मस्जिद भारत और अरब के बीच कारोबारी रिश्तों की प्रतीक है। यहां दिए में तेल डालते हैं सभी धर्मों के लोग... - इस मस्जिद को 629 ईस्वी में अरब के कारोबारी मलिक बिन दीनार और मलिक बिन हबीब ने बनवाया था। - इतिहासकारों के मुताबिक, कोडुंगालुर के राजा चेरामन पेरुमल एक बार मक्का यात्रा पर गए थे, जहां उनकी मुलाकात पैगम्बर से हुई। - इसके बाद चेरामन ने इस्लाम कबूल लिया। उन्होंने अपना नाम बदलकर थाजुद्दीन रखा और एक मुस्लिम लड़की से शादी भी की थी। - इस दौरान राजा चेरामन ने मक्का के कारोबारियों को इस्लाम के प्रचार के लिए केरल आने का न्योता दिया था। - चेरामन के वंशज आज भी हिंदू धर्म को मानते हैं। लेकिन वे अपने पूर्वज के धर्म परिवर्तन को पूरा सम्मान देते आए हैं। क्या है मस्जिद की खासियतें? - मस्जिद में एक दिया मौजूद है, जो सालों से बुझा नहीं है। इसमें हिंदू-मुस्लिमों के साथ सभी धर्मों के लोग तेल डालते हैं और प्रार्थना करते हैं। - मस्जिद पहले लकड़ी से बनाई गई थी, लेकिन बाद में इसकी मरम्मत होती रही। अब यह मस्जिद बिल्कुल नए रूप में दिखाई देती है। - इसके अंदर लगा काला संगमरमर मक्का से लाया गया था। मस्जिद के अंदर मलिक दीनार और उसकी बहन की कब्र भी मौजूद हैं।

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