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  2017-04-05

जीवन की हर समस्या का समाधान छुपा है प्रभु श्रीराम की इन चार बातों में

OnlineCG धर्म। यूं तो त्रेतायुग में जन्में, श्रीहरि के अवतार थे प्रभु श्रीराम, मगर उनके जीवन से आज भी काफी कुछ सीखा जा सकता है। उन्होंने त्रेतायुग में जिस तरह की विषम परिस्थितियों में रहकर भी बुराई के प्रतीक लंकापति रावण का संहार कर लंका को जीता वो निश्चित रूप से अनुकरणीय हैI उन्होंने अपनी जननी जन्मभूमि के लिए जीते हुए राज्य लंका को छोड़कर अयोध्या में रामराज्य स्थापित किया। भगवान श्रीराम का चरित्र वैसे तो हमें काफी कुछ सिखाता हैं लेकिन कुछ बातें वर्तमान परिपेक्ष्य में बिल्कुल सटीक बैठती हैं। अगर कोई व्यक्ति आज इन बातों को अपने जीवन में उतार ले तो उसे जीवन की सभी समस्याओं का हल आसानी से मिल जाएगा। जानें कौन सी है ये बातें:

  1. श्रीरामचंद्र जी को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया है क्योंकि यदि कोई भी व्यक्ति जिंदगी में मर्यादा का पालन करते हुए अपना जीवनयापन करता है तो वर्तमान  र भविष्य में किसी भी तरह की कोई भी परेशानी का समाना आसानी से कर सकेगा।
 
  1. पद की गरिमा: चाहे इंसान किसी भी पद पर हो, यदि वह अपने पद की गरिमा को बनाए रखते हुए कार्य करे तो सभी जगह उसकी प्रशंसा होती है। भगवान श्रीराम जब अयोध्या के राजा थे तो अयोध्यावासियों ने सीताजी के चरित्र पर आरोप लगाया। तब श्रीराम ने लोगों की बात को सुनते हुए सीता जी का त्याग किया। इस पूरी घटना का आशय यह है कि यदि आप किसी सर्वोच्च पद पर आसीन होते हैं तो वहां आप किसी एक परिवार के नहीं होते।
 
  1. पत्नीव्रता: आज के समय में जहां लोग पतिव्रता पत्नी की चाह रखते हैं, वहीं श्रीराम ने उस समय पत्नीव्रता व्रत का आजीवन पालन कियाI आज के समय में लोग इस व्रत का पालन करें तो उनकी जिंदगी बेहतर गुजर सकती है।
 
  1. आज्ञा पालन करना: प्रभु श्रीराम ने हमेशा अपने परिजन और वरिष्ठ लोगों की आज्ञा का पालन किया। अपने पिता के एक व्रत का पालन करने के लिए खुशी-खुशी चौदह वर्षों का वनवास स्वीकार कर लियाI ठीक इसी प्रकार हर इंसान अपने माता-पिता और परिजनों की आज्ञा पालन करें तो लोगों का जीवन सफल हो जाएगा।

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