Online Chhattisgarh

  2017-06-25

इस श्रेणी के लिए जारी नहीं होगा सर्कुलर टिकट

OnlineCG बिलासपुर। जीएसटी के कारण 1 जुलाई से एसी श्रेणी में सर्कुलर टिकट व्यवस्था बंद हो जाएगी। इसके बाद यात्रियों को अलग-अलग टिकट बनाना होगा। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोनल मुख्यालयों को आदेश जारी कर दिया है। एक साथ कई जगहों पर यात्रा कार्यक्रम बनाने वाले यात्री सर्कुलर टिकट का लाभ लेते थे। इससे उन्हें किराए में काफी बचत होती थी। हालांकि इसकी जानकारी ज्यादातर लोगों को नहीं है। इसके चलते सर्कुलर टिकट का उपयोग करने वालों की संख्या भी बहुत कम है। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) से स्लीपर श्रेणी के यात्रियों को राहत मिलेगी। वहीं, एसी के यात्रियों के लिए यह सुविधा बंद हो जाएगी। इसके अलावा अब यूटीएस से एसी श्रेणी का टिकट जारी नहीं होगा। हालांकि यह विशेष सुविधा केवल पुलिस व मिलिट्री वारंट और एमएलए का ट्रेवल कूपन पर ही मिलती थी। एक जुलाई से इसे भी बंद किया जा रहा है। इसके साथ ही रेलवे की बीपीटी (ब्लैंक पेपर टिकट) सुविधा भी बंद हो रही है। यह टिकट यूटीएस काउंटर से ऐसे स्टेशनों के लिए जारी होते थे, जहां टिकटिंग की सुविधा नहीं थी। बताया जा रहा है कि इस सिस्टम के कारण रेलवे को हिसाब-किताब में परेशानी होती थी। सॉफ्टवेयर में ऐसे टिकटों से प्राप्त आय दर्ज नहीं हो पाती थी। वहीं 1 जुलाई से जीएसटी लागू हो रहा है, जिसका असर रेलवे पर भी नजर आएगा। नई व्यवस्था में लोगों को परेशानी से बचने के लिए लगभग सभी जोन और डिवीजन में अलग से अनुभाग बनाए गए हैं। लेकिन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में अभी तक यह व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसके अलावा कमर्शियल इंस्पेक्टर्स, सुपरवाइजर्स, लिपिक व टीटीई को कोई ट्रेनिंग या जानकारी इस संबंध में नहीं दी गई है। रेलवे के ज्यादातर मैदानी अमले को जीएसटी के बारे आधी-अधूरी जानकारी है। ऐसे में इसके लागू होते ही उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आखिर क्या है यह सर्कुलर टिकट सर्कुलर टिकट के जरिए कोई भी व्यक्ति एक यात्रा में कई जगह जाने का एक टिकट बना सकता था। ऐसा करने पर किराए में बड़ी राहत मिलती थी। इसके अलावा टिकट के लिए जगह-जगह जद्दोजहद भी नहीं करनी पड़ती थी। आपको बता दें कि सर्कुलर टिकट में प्रारंभिक और अंतिम स्टेशन एक ही होना जरूरी था।

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