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  2016-03-04

JNU पहुंचकर कन्हैया ने कहा, “देश से नहीं देश में चाहिये आजादी”

नई दिल्ली। देशद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार के जेल से रिहा होने के बाद जेएनयू परिसर में गुरुवार को विजय जुलूस निकाला गया। इसमें जेएनयू के सैकड़ों छात्र शामिल हुए। गंगा ढाबा से निकला जुलूस प्रशासनिक भवन पर समाप्त हुआ। जहां जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने गरीबी, अशिक्षा, जातिवाद, आरएसएस से आजादी लेने का नारा लगाकर छात्रों को संबंधित किया। अपने संबोधन में कन्हैया ने भाजपा, आरएसएस, एबीवीपी सहित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर जमकर निशाना साधा।कन्हैया ने मानव संसाधान विकास मंत्री स्मृती ईरानी पर निशाना साधते हुए कहां कि आगे अदालत तय करेगा कि क्या देशद्रोह है और क्या देशभक्ति। क्योंकि हम स्मृति इरानी के बच्चे नहीं है। हम जेन्यूआइट है। हमें हमारा फैलोशिप दे दीजिए और रोहित वेमुला की हत्या की जिम्मेदारी ले लीजिए। हम आपसे इस्तीफा नहीं मांगते।कन्हैया ने लगभग तीन हजार से अधिक छात्रों को संबोधित करते हुए पुलिस को माध्यम बनाकर व्यवस्था और सरकार पर जबरदस्त तंज कसा। उन्होंने कहा कि मेरी मां ने कहा था कि मोदी जी मन की बात करते है। कभी मां की भी बात कर ले। मैं किसी एक पार्टी, मीडिया, चैनल या सैनिकों की बात नहीं कर रहा। बल्कि देश की बात कर रहा हूं। जो आवाज उठाता है। उसे पर देशद्रोह का आरोप लगा दिया जाता है। सुब्रमण्यम स्वामी पर तंज कसते हुए कन्हैया ने कहा कि मैं उनसे आमने-सामने विमर्श करने के लिए तैयार हूं। उनकी बातों में कोई तर्क नहीं। हम भारत से नहीं भारत का लूटने वालों से आजादी चाहते है। कन्हैया कुमार ने इस बार फिर कैम्पस में आजादी का नारा दिया और उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य की आजादी तक संघर्ष जारी रखने की बात कहीं।

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