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  2016-02-06

बस्तर से जुड़ा रेल ट्रैक, दुनिया की सबसे सुरक्षा वाली ट्रेन चली

दल्लीराजहरा I छत्तीसगढ़ का दूरस्थ व धुर नक्सली क्षेत्र बस्तर भी अब जल्दी ही रेल ट्रैक से जुड़ जायेगा, इसका पहला चरण सोमवार एक फ़रवरी को पूरा भी हो गया I पांच साल की कड़ी म्हणत आखिर रंग लेकर आई और इस मेहनत का फल लोगो के चेहरे पर मुस्कान बनकर देखने को मिली I राजधानी से 120 किलोमीटर दूर लौह नगरी दल्लीराजहरा से रावघाट परियोजना अंतर्गत रेल लाइन का गुदुम तक पैसेंजर ट्रेन चलाकर सफल परिक्षण किया गया I ये सफलता विकासरोधी नक्सलियों के लीये मुंहतोड़ जवाब है जो बस्तर को सुविधाओं के आभाव में रख कर अपना राज्य स्थापित करना कहते हैं |  राज्य शासन और सुरक्षाबल के लगातार निगरानी ओर सुरक्षा के साथ साथ केंद्र शासन के दिशा नेर्देशों के आधार पर यह उपलब्धि प्राप्त की गई है I लोगों और गाड़ी की सुरक्षा के लिए जीआरपी और छत्तीसगढ़ पुलिस के 350 जवान, आरपीएफ के 112, सीआरपीएफ, बीएसएफ और एसएसबी के 1100 जवान तैनात थे। मेटल डिटेक्टर से पहले स्टेशन की जांच की गई। डॉग स्क्वॉड ने भी स्टेशन के चप्पे-चप्पे की जांच की। पटरी के दोनों ओर सीआरपीएफ के जवान खड़े थे। सुरक्षा के कड़े घेरे में स्टेशन के बाहर और अंदर शहरवासियों और पैसेंजर्स में उत्साह था। ज्यादातर लोगों ने मोबाइल से सेल्फी ली, तो कुछ ने कैमरे से फोटो ली। सुबह हुई थी बम के धमाके से ट्रेन को नाकाम करने की कोशिश सुबह नक्सलियों के बम के धमाके से ट्रेन को नाकाम करने की कोशिश से लग रहा था कि नक्सलियों के डर के मारे ट्रेन खाली ही चलानी पड़ेगी। लेकिन जनता के जोश के आगे दहशत हार गई। ट्रेन में पैर रखने की जगह नहीं थी। फूलों की झालर और रंगीन गुब्बारों से सजी ट्रेन का हर डिब्बा यात्रियों से खचाखच भरा रहा। केसरिया, सफेद और हरे गुब्बारों से सजी ट्रेन प्लैटफॉर्म पर खड़ी थी। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए ट्रेन को हरी झंडी रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 6.35 पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। वहां मौजूद लोगाें ने तालियां बजने लगी, कुछ लोगों ने जयकारे लगाए, गुदुम-गुदुम के नारे भी गूंजे। सन्देश साफ था कि जनता क्षेत्र में शांति और विकास चाहती है। डौंडी में भी सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे  6.45 को गाड़ी डौंडी पहुंची। पटरी के दोनों तरफ सीआरपीएफ के जवान खड़े थे। उनके पीठ गाड़ी की तरफ और नजरें बाहर की ओर थीं। कैंप से स्पॉट लाइट से संकेत मिल रहे थे।कुछ जवान पगडंडी से आगे बढ़ रहे थे। उनके सुरक्षा चक्र के बीच से गाड़ी आगे बढ़ी। करीब दस मिनट बाद गुदुम पहुंची। यह ट्रेन अब रोजाना चलेगी। रावघाट परियोजना के दूसरे चरण में गुदुम से केंवटी तक रेल लाइन बिछाई जा रही है।

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