Online India

  2017-03-03

बृजमोहन अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद पेंड्रावन जलाशय का विवाद हुआ शांत

OnlineCG Report। विधायक देवजी भाई पटेल की अगुवाई में लगभग महीनेभर से चल रहे ग्रामीणों के आंदोलन के सामने राज्य सरकार को झुकना पड़ा है। गुरुवार रात जलसंसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने धरना स्थल पहुंचकर पेंड्रावन जलाशय के करीब चूना पत्थर खनन के लिए पिछले माह जारी एनओसी को रद्द करने की घोषणा की है। कुछ समय पूर्व ही खनिज विभाग के एक प्रस्ताव पर जलसंसाधन विभाग ने पेंड्रावन जलाशय के करीब चूना पत्थर खनन हेतु अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी की एनओसी मंजूर की थी। 2 फरवरी को आदेश जारी होने के बाद से ही तिल्दा समेत पूरे धरसींवा क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया गया था।

इस आंदोलन में क्षेत्र के विधायक देवजी भाई पटेल के साथ विपक्ष के नेता भी ग्रामीणों के आंदोलन में शामिल हो गए थे और सरकार पर एनओसी रद्द करने दबाव बना रहे थे। बीते एक सप्ताह में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री रमन सिंह समेत नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। यह मामला विधायक दल की बैठक में भी देवजी ने उठाया था। और यह चेतावनी भी दी थी कि धरसींवा समेत आसपास के पांच विधानसभा क्षेत्रों में जनआक्रोश बढ़ेगा। विधायक पटेल ने विधानसभा में इस मामले में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगाया है, इस पर चर्चा भी होनी है। इसके बाद मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन कर रहे विधायक देवजी पटेल को साथ लेकर गुरुवार की रात गांव पहुंचे और एनओसी रद्द करने का ऐलान किया।

अग्रवाल ने कहा कि सरकार की मंशा हर किसान के खेत में पानी पहुंचाने की और अच्छी खेती की है। इसके लिए हर कदम उठाने तैयार है। इसी के तहत हमने जलाशय के करीब खनन के लिए जलसंसाधन विभाग से जारी एनओसी को रद्द करने का फैसला किया है। इतना ही नहीं, जलाशय के विकास के लिए 40 करोड़ रुपए भी दिए जाएंगे। इसमें से 17 करोड़ के काम के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। आपको बता दें राज्य में पहली बार ग्रामीणों के विरोध के बाद किसी उद्योग के नाम जारी खनन एनओसी रद्द की जा रही है।

Please wait! Loading comment using Facebook...

You Might Also Like